“श्रम मंत्री ने विपक्ष के निजीकरण आरोपों को खारिज किया”
Labor Minister rejects opposition'
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श्रम मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया, आंकड़े दिए।
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सपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया, अन्य मुद्दों पर भी बहस।
लखनऊ। विधान परिषद में निजीकरण के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, आशुतोष सिन्हा व डॉ. मानसिंह यादव सहित सपा के अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया कि युवाओं को स्थायी रोजगार देने का वादा कर सरकार निजीकरण की नीति लागू कर रही है।
हकीकत यह है कि न तो युवाओं को रोजगार मिल रहा है और न ही आर्थिक सुरक्षा। निजीकरण के बाद सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र में नियमित भर्तियां घट रही हैं। नियमित पद समाप्त हो रहे हैं। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने विपक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने पिछले करीब नौं वर्षों में दी गई नौकरियों का आंकड़े पेश करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने सबसे ज्यादा नौकरियां दी हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सदन को गुमराह कर रहा है। इस दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई और सपा के सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन किया।